पीजी डिप्लोमा इन योग एज्यूकेशन का वाषिर्कोत्सव समारेाह सम्पन्न
राजस्थान विद्यापीठ विश्वविद्यालय की संघटक इकाई लोकमान्य तिलक शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय के अंतर्गत संचालित पीजी डिप्लोमा इन योग एज्यूकेशन के वार्षिकोत्सव समारोह का आयोजन उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ। समारोह में योग, स्वास्थ्य एवं भारतीय परंपरा के महत्व पर सारगर्भित विचार व्यक्त किए गए।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. शिवसिंह सारंगदेवोत ने कहा कि जीवन में आने वाली अनेक कठिनाइयों को व्यक्ति विभिन्न स्तरों पर प्रबंधित कर सकता है, लेकिन स्वास्थ्य को केवल योग एवं आसनों के माध्यम से ही संतुलित रखा जा सकता है। उन्होंने कहा कि शारीरिक और मानसिक शांति के लिए योग को जीवन का अभिन्न अंग बनाना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कोरोना महामारी के बाद पूरे विश्व में योग के प्रति जागरूकता और आकर्षण तेजी से बढ़ा है तथा योग विश्व को भारत की अमूल्य देन है।
प्रो. सारंगदेवोत ने कहा कि योग दिवस से पूर्व विद्यापीठ के तीनों परिसरों में योग गुरुओं द्वारा कार्यकर्ताओं को योग का नियमित अभ्यास कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज का व्यक्ति तनाव, चिंता, रोग और अनेक प्रकार की मानसिक समस्याओं से घिरा हुआ है, ऐसे में केवल एक योग पद्धति नहीं बल्कि समग्र योग का अभ्यास आवश्यक हो गया है।
समारोह में कुलाधिपति भंवर लाल गुर्जर ने योग को एक व्यापक विज्ञान बताते हुए कहा कि हमारे प्राचीन ग्रंथों — श्रीमद्भागवत गीता, विज्ञान भैरव तंत्र, योग वशिष्ठ और पातंजलि योग दर्शन — में योग के विभिन्न स्वरूपों का विस्तृत वर्णन मिलता है। उन्होंने कहा कि मनुष्य की प्रकृति और मानसिक अवस्था के अनुसार योग के विभिन्न प्रकार हैं — राजयोग, हठयोग, भक्तियोग, लययोग एवं कुंडलिनी योग — जो व्यक्ति के जीवन को संतुलित और सकारात्मक दिशा प्रदान करते हैं।
आयोजन सचिव डॉ. रोहित कुमावत ने बताया कि समारोह के दौरान आगामी योग दिवस की थीम “स्वास्थ्य, ज्ञान और विश्व शांति के लिए योग” विषयक पोस्टर का विमोचन किया गया तथा विद्यार्थियों को ट्रैक सूट वितरित किए गए। प्रारंभ में प्राचार्य प्रो. सरोज गर्ग ने अतिथियों का स्वागत करते हुए समारोह की रूपरेखा प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. इंदू बाला आचार्य ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन योग प्रभारी डॉ. रोहित कुमावत ने दिया।
इस अवसर पर प्रो. बलिदान जैन, प्रो. अमी राठौड़, प्रो. रचना राठौड़, प्रो. भूरालाल श्रीमाली, डॉ. सरिता मेनारिया, डॉ. हरीश मेनारिया, डॉ. पुनीत पण्ड्या, डॉ. रेणु हिंगड़, डॉ. पल्लव पांडे, डॉ. हिम्मत सिंह चुंडावत, डॉ. सुभाष पुरोहित, डॉ. ममता कुमावत सहित कार्यकर्ता एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। समारोह में योग एवं भारतीय संस्कृति के प्रति विद्यार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
