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22 राज्यों से 6105 प्रतिभागियों ने लिया ऑनलाइन योग क्विज में भाग
जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ, उदयपुर द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2026 के उपलक्ष्य में आयोजित ऑनलाइन योग क्विज ने अभूतपूर्व सफलता प्राप्त करते हुए नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी में देश के 22 राज्यों से कुल 6105 प्रतिभागियों ने भाग लिया। यह विद्यापीठ द्वारा आयोजित किसी भी ऑनलाइन शैक्षणिक प्रश्नोत्तरी में अब तक की सर्वाधिक सहभागिता है।
कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने इस उपलब्धि पर कहा कि योग के प्राचीन ज्ञान को आधुनिक डिजिटल तकनीक के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाने का विद्यापीठ का प्रयास अत्यंत सफल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रतिभागियों की रिकॉर्ड संख्या इस बात का प्रमाण है कि समाज में योग के वैज्ञानिक, दार्शनिक एवं व्यावहारिक पक्षों को जानने और समझने की उत्सुकता निरंतर बढ़ रही है। उन्होंने इसे स्वस्थ, जागरूक और ज्ञानसम्पन्न समाज के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
क्विज के सॉफ्टवेयर निर्माता सह-आचार्य डॉ. चंद्रेश छतलानी ने बताया कि विद्यापीठ द्वारा विकसित इन-हाउस वेब-एप्लीकेशन में रैंडम प्रश्न चयन, त्वरित परिणाम तथा क्यूआर कोड आधारित सत्यापनयुक्त डिजिटल प्रमाणपत्र जैसी सुविधाएँ प्रदान की गईं। उन्होंने कहा कि 6105 प्रतिभागियों की रिकॉर्ड संख्या के बावजूद ऑनलाइन प्रणाली पूरी अवधि में निर्बाध रूप से संचालित हुई तथा किसी एक भी प्रतिभागी को तकनीकी समस्या नहीं हुई। यह विद्यापीठ की तकनीकी दक्षता एवं डिजिटल नवाचार का प्रमाण है।
योग दिवस 2026 के समन्वयक डॉ. रोहित कुमावत ने बताया कि प्रश्नोत्तरी में योग के इतिहास, दर्शन, आसन, प्राणायाम तथा शरीर क्रिया विज्ञान से संबंधित प्रश्न सम्मिलित किए गए थे। उन्होंने कहा कि इस क्विज को राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, केरल, असम, छत्तीसगढ़, गोवा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, मेघालय, मिजोरम तथा तेलंगाना सहित देश के विभिन्न राज्यों से भागीदारी हुई। इस कार्य में डॉ. विकास डांगी और डॉ. ललित सालवी का सहयोग रहा।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा निर्धारित गतिविधियों के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम ने स्वास्थ्य जागरूकता, योग साक्षरता और डिजिटल सहभागिता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विद्यापीठ प्रशासन ने इस सफलता के लिए देशभर के सभी प्रतिभागियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि योग को जन-जन तक पहुँचाने के ऐसे नवाचार भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे।