विद्यापीठ के विधि महाविद्यालय में मूट कोर्ट का आयोजन
जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ के संघटक विधि संकाय में विद्यार्थियों द्वारा मूट कोर्ट का आयोजन किया गया, जिसमें मेडिकल ग्रॉस नेग्लिजेन्स के एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई प्रस्तुत की गई।
विद्यार्थियों ने न्यायालय की कार्यप्रणाली, कानूनी तर्क, वाद-विवाद और न्यायिक प्रक्रिया का जीवंत एवं प्रभावशाली प्रदर्शन किया।
मामले में एक मरीज की मृत्यु को अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही से जोड़ा गया। प्रस्तुत सुनवाई में यह दिखाया गया कि उचित चिकित्सा सुविधाओं, प्रशिक्षित स्टाफ, आवश्यक उपकरणों और समय पर विशेषज्ञ डॉक्टर की अनुपलब्धता के कारण मरीज की स्थिति बिगड़ती गई। मूट कोर्ट के जजों ने अपने निर्णय में कहा कि यह मामला “ग्रॉस नेग्लिजेन्स” की श्रेणी में आता है और ऐसे मामलों में केवल डॉक्टर ही नहीं, बल्कि पूरा अस्पताल प्रबंधन भी उत्तरदायी होता है।
कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत ने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि विधि शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उसे व्यवहारिक प्रशिक्षण के साथ जोड़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि मूट कोर्ट जैसी गतिविधियां विद्यार्थियों में तार्किक क्षमता, न्यायिक सोच, आत्मविश्वास और प्रभावी अभिव्यक्ति का विकास करती हैं।
प्राचार्य प्रो. कला मुणेत ने कहा कि मूट कोर्ट विद्यार्थियों को न्यायालय की कार्यप्रणाली, वकालत की शैली और कानूनी तर्कों को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर देता है। ऐसी गतिविधियां उन्हें भविष्य के लिए एक सक्षम और संवेदनशील विधि विशेषज्ञ बनने में सहायता करती हैं।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने न्यायाधीश, वकील, पुलिस, डॉक्टर और पक्षकार की भूमिका निभाते हुए एक काल्पनिक मुकदमे की सुनवाई प्रस्तुत की, जिसे उपस्थित शिक्षकों और विद्यार्थियों ने खूब सराहा। जज की भूमिका सुरभी मेनारिया, डॉक्टर की राहुल अग्रवाल – ज्योति, पुलिस की हेमेन्द्र त्रिवेदी, एडवोकेट की कनक सिंघोली, सिद्धार्थ शर्मा, दीपक सिंह चौहान व इफ्तियाक खान ने निभाई।
यह आयोजन विधि शिक्षा को वास्तविक अनुभव से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
इस अवसर पर डॉ. मीता चौधरी, डॉ. के.के. त्रिवेदी, डॉ. सुरेन्द्र सिंह चुण्डावत, डॉ. प्रतीक जांगीण, डॉ. विनिता व्यास, डॉ. अंजु कावडिया, छत्रपाल सिंह, डॉ. ज्ञानेश्वरी राठौड़, सहित अकादमिक सदस्य एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।
